
माखननगर। श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय माखननगर में प्राचार्य डॉ. नीता चौबे के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं प्राध्यापक सम्मिलित हुए।
मुख्य वक्ता डॉ. मनीष शर्मा ने मानवाधिकारों के इतिहास एवं महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्व मानवाधिकार आयोग की स्थापना 10 दिसंबर 1946 को हुई थी, जिसे वर्ष 2006 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में परिवर्तित कर दिया गया। भारत में मानवाधिकारों की रक्षा एवं संवर्धन के लिए 12 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की स्थापना की गई, जो देश में मानवाधिकारों का प्रहरी एवं संरक्षक है।
कु. शिवानी मालवीय ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार घोषणा-पत्र की चर्चा करते हुए नागरिक एवं राजनीतिक अधिकार, आर्थिक अधिकार, सामाजिक–सांस्कृतिक अधिकार तथा एकजुटता के अधिकार जैसे विभिन्न श्रेणियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मानवाधिकारों के साथ-साथ नागरिक दायित्वों एवं कर्तव्यों पर भी जोर दिया।
स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. क्षमा मेहरा ने कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का प्रेरक संदेश दिया।
कार्यक्रम में रासेयो के स्वयंसेवकों पवन कुमार प्रजापत, चांदनी, संजना यादव और शुभम यादव ने भी अपने विचार साझा किए।
संगोष्ठी में डॉ. आई.एस. कनेश, डॉ. अमिताभ शुक्ला, प्रो. अजय मेहरा, डॉ. संगीता मिश्रा सहित अनेक प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान ने किया तथा आभार प्रदर्शन छात्र स्वस्तिक रावत ने किया।