
गुना (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के गुना जिले के गणेशपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर किसान को थार गाड़ी से कुचलकर मारने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने आरोपी बीजेपी नेता (bjp-leader) महेंद्र नागर, जो कि बूथ अध्यक्ष के पद पर था, को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई पार्टी द्वारा संगठन की मर्यादा और जिम्मेदारी को बनाए रखने के सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
गुना जिले के गणेशपुर गांव में बीते सप्ताह जमीन विवाद के चलते दो पक्षों में झगड़ा हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के दौरान एक आरोपी ने किसान रामस्वरूप नागर को थार गाड़ी से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक किसान के परिवार और आरोपी पक्ष के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि आरोपी पक्ष, जो स्थानीय रूप से दबंग माना जाता है, कई बार उस जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिशें कर चुका था।
बीजेपी ने लिया सख्त एक्शन
घटना के बाद जब यह बात सामने आई कि थार चलाने वाला आरोपी महेंद्र नागर बीजेपी (bjp-leader) का बूथ अध्यक्ष है, तो मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना को लेकर भारी आक्रोश जताया और पार्टी की साख पर सवाल उठने लगे।
इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए भाजपा (bjp-leader) जिला अध्यक्ष दयामेन्द्र सिंह सिकरवार ने आरोपी महेंद्र नागर को पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी किया।
निष्कासन पत्र में लिखा गया है — “आपके द्वारा पारिवारिक विवाद में किए गए आपराधिक कृत्य की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आपको संगठन की मर्यादा, सभ्यता एवं दायित्वों के प्रतिकूल आचरण के कारण तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।”
पार्टी ने दिया साफ संदेश
बीजेपी के इस कदम से स्पष्ट संकेत मिला है कि संगठन कानून और अनुशासन के खिलाफ जाने वाले किसी भी नेता या कार्यकर्ता के साथ कोई नरमी नहीं बरतेगा।
जिला अध्यक्ष सिकरवार (bjp-leader) ने मीडिया से कहा कि “पार्टी की मर्यादा सर्वोपरि है। जो व्यक्ति समाज या संगठन की छवि खराब करेगा, उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाएगी।”
प्रदेश नेतृत्व ने भी इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि भाजपा का चरित्र “शून्य सहिष्णुता नीति (Zero Tolerance Policy)” पर आधारित है।
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क्या हुआ था विवाद के दौरान
ग्राम गणेशपुरा में रामस्वरूप नागर नाम के किसान और आरोपी पक्ष के बीच शनिवार को जमीन को लेकर कहासुनी हुई। बात बढ़ने पर आरोपी पक्ष ने किसान के साथ लाठी-डंडों और गाड़ियों से हमला कर दिया। गवाहों के अनुसार, हमले के दौरान जब रामस्वरूप नागर को बचाने उनकी बेटियां और पत्नी मौके पर पहुंचीं, तो आरोपियों ने महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की और उनके कपड़े फाड़ दिए।
घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल किसान को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद पुलिस ने महेंद्र नागर और अन्य चार आरोपियों के खिलाफ हत्या (IPC 302), हमला (147, 148, 149) और महिलाओं से दुर्व्यवहार (354) जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। थार वाहन को पुलिस ने जब्त कर लिया है और मुख्य आरोपी महेंद्र नागर को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
गुना एसपी ने बताया कि — “जमीन विवाद की जांच की जा रही है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”
पीड़ित परिवार ने न्याय और सुरक्षा की मांग की
मृतक किसान के परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष राजनीतिक दबदबे का इस्तेमाल कर केस को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
परिवार ने कहा —“हमारे पिता की हत्या की गई है। हमें न्याय चाहिए और प्रशासन हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करे।”
गांव के कई ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गुहार लगाई कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर दोषियों को सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई गरीब किसान इस तरह की हिंसा का शिकार न बने।
गुना जिले में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुना पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए इलाके की निगरानी बढ़ा दी है।
पुलिस अधिकारी मौके पर लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और गांव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के प्रयास कर रहे हैं।
संगठन ने कार्यकर्ताओं को दी चेतावनी
बीजेपी जिला इकाई ने सभी मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारियों (bjp-leader) को चेतावनी दी है कि“संगठन की मर्यादा और छवि के विपरीत कोई भी कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और हर कार्यकर्ता को संविधान और कानून का सम्मान करना चाहिए।”
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व ने भी सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश जारी किया है कि पार्टी से जुड़े किसी व्यक्ति के खिलाफ यदि कोई गंभीर आपराधिक मामला सामने आता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए।