असम के सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग (Zubeen Garg)के लिए दूसरा पोस्टमॉर्टम: पारदर्शिता, सम्मान और न्याय की दिशा में कदम

असम और पूरे देश के लिए 19 सितंबर की रात एक दुखद खबर लेकर आई। प्रसिद्ध गायिका और असम के सांस्कृतिक प्रतीक, जुबीन गर्ग(Zubeen Garg), 52 वर्ष की आयु में सिंगापुर में निधन हो गए। उनका निधन तब हुआ जब वे एक तैराकी गतिविधि में भाग ले रहे थे। जुबीन गर्ग सिंगापुर में उत्तर पूर्व महोत्सव में हिस्सा लेने आए थे और अगले दिन उनका प्रदर्शन तय था। उनके अचानक निधन ने परिवार, मित्र और लाखों प्रशंसकों को गहरे शोक में डाल दिया।

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) के निधन के बारे में शुरुआती जानकारी में कहा गया कि उनका शव सिंगापुर में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और मृत्यु प्रमाण पत्र में डूबने को मौत का कारण बताया गया। उनके सहयोगियों को शव सौंपे जाने के बाद यह जानकारी भारत और असम में फैल गई। हालांकि, उनके निधन की परिस्थितियों को लेकर कुछ संदेह और सवाल उठे। उनके करीबी सूत्रों के अनुसार, गर्ग को पिछले पांच वर्षों में कई बार मिर्गी के दौरे पड़े थे। इस कारण यह संभावना जताई गई कि उनकी मृत्यु में मिर्गी का दौरा किसी भूमिका में रहा हो सकता है।

सिंगापुर में पहले पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया

सिंगापुर में हुए पहले पोस्टमॉर्टम में स्थानीय डॉक्टरों ने उनके(Zubeen Garg) शरीर की स्थिति और संभावित मौत के कारणों की विस्तृत जांच की। इसमें डूबने के कारणों, फेफड़ों और मस्तिष्क की स्थिति, हृदय और अन्य अंगों की क्षति की समीक्षा शामिल थी। तकनीकी विशेषज्ञता के कारण सिंगापुर में किए गए इस पोस्टमॉर्टम को चिकित्सकीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। रिपोर्ट में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया, और कोई संदिग्ध चोट या अपराध का संकेत नहीं मिला।

हालांकि, सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया के बाद, असम सरकार ने एक और पोस्टमॉर्टम कराने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि यह कदम पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या संदेह को दूर करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से यह प्रक्रिया नहीं कराना चाहते, क्योंकि वे नहीं चाहते कि ”उनका शरीर फिर से काटा जाए”।

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दूसरा पोस्टमॉर्टम: कारण और प्रक्रिया

सोशल मीडिया पर जुबीन गर्ग (Zubeen Garg)के निधन को लेकर उठी मांगों के बाद, असम सरकार ने उनके शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में कराने का निर्णय लिया। इसमें AIIMS गुवाहाटी के कुछ डॉक्टर भी शामिल होंगे, जो निष्पक्ष और तकनीकी दृष्टि से सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “सिंगापुर के डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम करने के बाद, मुझे नहीं लगता कि यह तकनीकी रूप से आवश्यक था। लेकिन किसी भी प्रकार की राजनीति में शामिल होने के लिए किसी पक्ष को जगह नहीं मिलनी चाहिए। इसलिए यह कदम पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।’’

यह पोस्टमॉर्टम न केवल चिकित्सा तथ्य स्थापित करेगा बल्कि जनता, परिवार और राज्य सरकार के बीच विश्वास बनाए रखने का भी प्रयास है।

कानूनी पहलू और जांच

जुबीन गर्ग(Zubeen Garg) की मौत के बाद कई पुलिस शिकायतें दर्ज की गईं। उत्तर पूर्व महोत्सव के आयोजक, श्याम काणु महंता और गर्ग के प्रबंधक, सिद्धार्थ शर्मा, के खिलाफ अलग-अलग थानों में आरोप लगाए गए कि उनकी मौत में धोखाधड़ी की गई। इन शिकायतों की जांच राज्य के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग (CID) को सौंप दी गई है।

मुख्यमंत्री सरमा ने यह स्पष्ट किया कि कोई भी राजनीतिक या कानूनी संदेह इस मामले का लाभ नहीं उठा सकेगा। सरकार ने सभी पक्षों को आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी प्रकार का दबाव या हस्तक्षेप नहीं होगा।

मिर्गी और स्वास्थ्य संबंधी संभावनाएं

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg)को पिछले पांच वर्षों में मिर्गी के दौरे पड़ने की जानकारी है। मिर्गी के दौरे अचानक हो सकते हैं और कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मिर्गी के दौरे के दौरान डूबने की संभावना तब बढ़ जाती है जब व्यक्ति किसी जल गतिविधि में शामिल हो। सिंगापुर के डॉक्टरों ने गर्ग (Zubeen Garg) के स्वास्थ्य इतिहास और शव की स्थिति के आधार पर डूबने को मौत का कारण बताया, लेकिन परिवार और प्रशंसकों के मन में संदेह को दूर करने के लिए दूसरा पोस्टमॉर्टम कराना अनिवार्य समझा गया।

सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) केवल एक गायिका नहीं थीं; वे असम और पूरे उत्तर पूर्व का सांस्कृतिक प्रतीक थीं। उनके गीतों ने पारंपरिक असमिया संगीत और आधुनिक संगीत के बीच सुंदर संतुलन स्थापित किया। उनकी गायिकी ने न केवल असम बल्कि पूरे भारत में संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया।

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) के अंतिम दर्शन के लिए गुवाहाटी में हजारों लोग इकट्ठा हुए। लोग रात भर इंतजार करते रहे और घंटों कतार में खड़े रहे ताकि वे उन्हें अंतिम बार देख सकें। उनके शरीर को पारंपरिक असमिया ‘गामोसा’ में लपेटकर कांच के ताबूत में रखा गया। यह दृश्य उनके प्रति श्रद्धा और उनके सांस्कृतिक योगदान को दर्शाता है।

अंतिम संस्कार

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) का अंतिम संस्कार पूर्ण राज्य सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके शव को सुबह करीब 10 बजे सोनापुर के कमरकुची ले जाया जाएगा। इसमें उनके परिवार, रिश्तेदार और करीब 85 करीबी सहयोगी शामिल होंगे। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अंतिम संस्कार की सभी व्यवस्थाएं पूरी हो और उनके योगदान का सम्मान किया जाए।

परिवार और प्रशंसकों की प्रतिक्रिया

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) के परिवार और प्रशंसकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उनके परिवार ने सिंगापुर और असम सरकार के पोस्टमॉर्टम और जांच प्रयासों का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी गायिकी और सांस्कृतिक योगदान को याद किया। कई लोगों ने उनके अंतिम दर्शन के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा की, यह दर्शाता है कि उनका संगीत और व्यक्तित्व जनता के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा।

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) की मृत्यु ने असम और पूरे भारत में संगीत प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया। उनका दूसरा पोस्टमॉर्टम न केवल पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह परिवार और प्रशंसकों की भावनाओं का सम्मान भी है। मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा और राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या कानूनी दबाव नहीं होगा।

जुबीन गर्ग (Zubeen Garg)का संगीत और उनके असमिया संस्कृति में योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उनका निधन केवल असम के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के संगीत प्रेमियों के लिए अपूरणीय क्षति है। इस कठिन समय में उनके परिवार, मित्र और प्रशंसक उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

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