
माखननगर। कक्षा आठवीं के सामाजिक विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है। इस गंभीर लापरवाही ने शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 फरवरी को सुबह करीब 11 बजे कक्षा आठवीं का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगा। मामला सामने आते ही इसकी सूचना जिला स्तर के अधिकारियों तक पहुंची। सूत्रों के अनुसार सीहोर के बुधनी क्षेत्र में प्रश्नपत्र वायरल होने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया।
रविवार को बीआरसी एवं जिले के आला अधिकारियों के साथ माखननगर थाने पहुंचे और मामले को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया। हालांकि, थाना प्रभारी द्वारा पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने के कारण एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी।
सूत्रों का कहना है कि माखननगर के एक निजी स्कूल से प्रश्नपत्र के वायरल होने की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही स्थानीय शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर संबंधित अधिकारी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। जानकारी के अनुसार पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। अब देखना होगा कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई अमल में लाई जाती है।